आर्टिकल 15: फर्क़ लाने से पहले विरोध ले आयीं फ़िल्म, भीम आर्मी और ब्राह्मण फेडरेशन दोनों ही जुटे विरोध में

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आयुष्मान खुराना की फिल्म आर्टिकल 15 काफी बवाल में है. हो भी क्यों ना मुद्दा ही ऐसा है फिल्म का. फिल्म UP के बदायूं में हुए दो बच्चियों के रेप और मर्डर पर आधारित है.

देश के अलग अलग हिस्सों से लगातार ख़बरें आ रहीं हैं कि फिल्म की स्क्रीनिंग होने और ना होने, दोनों ही केस में विरोध हो रहा है.

बिहार के पटना से ख़बर है कि आर्टिकल 15 की स्क्रीनिंग हो जाने के बाद से ही मामला गरमाया हुआ है.

स्क्रीनिंग हो जाने से कुछ विशेष वर्ग के युवाओं ने निराश होकर विरोध कर स्क्रीनिंग रुकवा दी, पूछने पर पता चला कि उन्हें दिक्कत फिल्म के नाम से है. वहीं स्क्रीनिंग ना होने से दुखी दूसरा पक्ष यानी कि भीम आर्मी चाहती है कि फिल्म की स्क्रीनिंग सिर्फ़ इस एक कारण से नहीं रुकनी चाहिये, आखिर फिल्म सेंसर बोर्ड से पास होकर ही तो स्क्रीनिंग के लिए तैयार हुई है.

बिहार के मोना सिनेमा के बाहर इसी मांग को रखते हुए भीम आर्मी के नुमाइंदों ने जमकर नारेबाजी की और जबरन फिल्म की स्क्रीनिंग करने की भी कोशिशे की.

बता दें कि फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा पहले कि साफ़ कर चुके है कि फिल्म किसी भी जाति को बुरे प्रभाव में नहीं दर्शाती.

खबर यह भी है कि फिल्म के 28 जून को रिलीज होते ही ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन को इससे दिक्कत हो गई, फिल्म ब्राह्मणों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रही है, ऐसा कह कर विरोध शुरू कर दिया. इस विरोध के परिणाम स्वरूप सिनेमा घरों ने टूट फूट के डर से स्क्रीनिंग बंद कर दी. स्क्रीनिंग बंद होते ही भीम आर्मी का विरोध शुरू हो गया.

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